Rural Development Programs Part 1 - (ग्राम विकास कार्यक्रम भाग 1 )

 ग्रामीण विकास कार्यक्रम ः   इसके अन्तर्गत मुख्य रुप से निम्न योजनाएं आती है।

1.  श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन
2.  उन्नत भारत अभियान
3.  प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण )
4.  सूखा प्रवण क्षेत्र कार्यक्रम
5. मरुभूमि विकास कार्यक्रम
6. एकीक्रत बंजर भूमि विकास कार्यक्रम
7.  राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम
8.  त्वरित ग्रामीण जल आपूर्ति कार्यक्रम
9.  हरियाली परियोजना
10.  केन्द्रीय ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम
11.  निर्मल भारत अभियान
12.  राजीव गाँधी ग्रामीण विघुतीकरण योजना
13.  दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना
14.  कुटीर ज्योति कार्यक्रम
15.  ग्रामाण क्षेत्रों में शहरी सुविधोओं का प्रावधान (PURA)
16.  सिचांई और बाढ़ नियन्त्रण परियोजना
यहाँ पर हम सिर्फ संक्षिप्त रुप से इनका अध्ययन करेंगे।

                                                            
Rural Development Programs
Rural Development Programs 

1.  श्यमा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन(SPMRM) :  ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए केन्द्र सरकार ने प्रारम्भ की है। इसमें स्मार्ट गाँवों के समूह विकसित कियें जायेंगे।

प्रारम्भ होने की तिथि     21 फरवरी 2016
किसने प्रारम्भ की          केन्द्र सरकार ने
इसके अन्तर्गत 14 अनिवार्य घटक हैं अर्थात 14 प्रकार की सुविधाएं दी जाएंगी। 
तटीय मैदानी इलाकों में 25 हजार से 50 हजार और रेगिस्तानी पर्वतीय तथाआदिवासी इलाकों में 5 हजार से 15 हजार तक की आबादी के समूह विकसित कियें जायेंगे।

2.  उन्नत भारत अभियान : 

इसे एच. आर. डी. (HRD)मंत्रालय द्वारा प्रारम्भ किया गया है। इस योजना के माध्यम से गाँव में रहने वाले लोगों को उच्च शिक्षा प्रदान की जायेगी। विभिन्न प्रकार की तकनीकों का इस्तेमाल कर देश की प्रगति में आने वाली समस्याओं का समाधान करना भी इसका एक हिस्सा है।  इसकी वेबसाइट श्री प्रणव मुखर्जी द्वारा 11 नवम्वर 2014 को शिक्षा दिवस के अवसर पर जारी की गई। प्रत्येक आई. आई. टी. अपने आस-पास के 10 गाँवों का विकास करेगी। 
पूरे कार्यक्रम की निगरानी आई.आई. टी दिल्ली द्वारा की जायेगी।
प्रारम्भ होने की तिथि      11 नवंबर 2014 
किसने प्रारम्भ की           केन्द्र सरकार ने 

3.  प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) : 

  इस योजना के माध्यम से नगरों और ग्रामीण इलाकों के निर्धन लोगों को उनकी आर्थिक स्थिति के अनुसार घर प्रदान किये जायेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 2022 तक सभी को घर उपलब्ध कराना है।
प्रारम्भ होने की तिथि       25 जून 2015
किसने प्रारम्भ की            केन्द्र सरकार ने

4.  सूखा प्रवण क्षेत्र कार्यक्रम (Drought  Prone Area Program - DPAP) : 


प्रारम्भ होने की तिथि       वर्ष 1973

किसने प्रारम्भ की           केन्द्र सरकार ने 
ऐसे क्षेत्र जो गंभीर सूखे की स्थिति से प्रभावित हैं,  उन क्षेत्रों की समस्याओं से निपटने के लिए लागू की गई थी।
1 अपैल 1995 से इस योजना को केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा 75ः25 के आधार पर वित्त पोषित किया जा रहा है। 

5.  मरुभूमि विकास कार्यक्रम - (Desert  Development Program - DDP) 


प्रारम्भ होने की तिथि      वर्ष 1977 -78

किसने प्रारम्भ की           केन्द्र सरकार ने
इसका मुख्य उद्देश्य सूखे के प्रभाव को कम करना और चिन्हित किये गये क्षेत्रों से मरुस्थलीकरण के प्रभाव को कम करना है।
यह कार्यक्रम शत-प्रतिशत केन्द्रीय सहायता के आधार पर चल रहा है, किन्तु गर्म शुष्क क्षेत्रों में केन्द्र और राज्य सरकार के बीच वित्त पोषण का अनुपात 75ः25 होगा।

6.  एकीकृत बंजर भूमि कार्यक्रम - (Integrated Waste lands Development Program - IWDP)


प्रारम्भ होने की तिथि        वर्ष 1989 - 90

किसने प्रारम्भ की            केन्द्र सरकार ने 
इस योजना के द्वारा गैर बंजर भूमि का विकास किया जाता है। ये योजना ऐसे क्षेत्रों में लागू होती है जो 
Drought  Prone Area Programme और Desert  Development Programme में छूट गये हैं।

 केन्द्र और राज्यों के बीच वित्त पोषण का अनुपात 1 अपैल 1999 से यह अनुपात 75 ः 25 कर दिया गया है।

7.  राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम - (National Rural Drinking water Program - NRDWP)

इस योजना का उद्देश्य 2022 तक प्रत्येक ग्रामीण व्यक्ति को उसके घर के दायरे में या अधिकतम 50 मीटर की दूरी में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 70 लीटर पानी उपलब्ध कराना है।

प्रारम्भ होने की तिथि       वर्ष 2009
किसने प्रारम्भ की           पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय 
सरकार और राज्यों के बीच  वित्तीय सहयोग का अनुपात   50 ः 50

8.  त्वरित ग्रामीण जल आपूर्ति कार्यक्रम  -  (Accelerated Rural water supply Program  - ARWSP)


प्रारम्भ होने की तिथि       वर्ष 1972 - 73

किसने प्रारम्भ की           केन्द्र सरकार ने 
राष्ट्रीय पेयजल मिशन को 1991 में बदलकर राजीव गाँधी राष्ट्रीय पेयजल मिशन कर दिया गया है।

9.  हरियाली परियोजना:

प्रारम्भ होने की तिथि       27 जनवरी 2003

उद्देश्य ः जल संग्रहण , वर्षा के जल को एकत्रित करना , पेयजल समस्या का निवारण , सिंचाई के लिए जल की व्यवस्था , वृक्षारोपण तथा मत्स्यपालन को प्रोत्साहन।
लाभ ः  गाँव आत्मनिर्भर होंगे , उनका आर्थिक विकास होगा , गाँव के लोंगो को गाँव में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे।

10.  केन्द्रीय ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम  - सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान  (Central Rural Sanitation Program  - Total Sanitation  Campaign )

केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों के प्रयासों में सहयोग देने के उद्देश्य से वर्ष 1986 में केन्द्र प्रायोजित ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम लागू किया।

1 अपैल 1999 से यह गरीबी आधारित न रहकर माँग आधारित कार्यक्रम हो गया ।

उद्देश्यः   

1.   ग्रामीण जनता, विशेषकर गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को स्वच्छता सुविधाएँ उपलब्ध कराने में तेजी लाना, जिससे ग्रामीण जलापूर्ति के प्रयासों में सहायता मिल सके।

2.  पंचायती राज संस्थाओं तथा स्वैच्छिक संगठनों और स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से जनता में सफाई के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना।

11. निर्मल भारत अभियानः 

निर्मल ग्राम पुरस्कार की सफलता देखकर , सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान का नाम बदलकर निर्मल भारत अभियान कर दिया गया है।
प्रारम्भ होने की तिथि        वर्ष 2012
इसका मुख्य उद्देश्य देश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति में सुधार करना था। 

12.  राजीव गाँधी ग्रामीण विघुतीकरण योजनाः  

राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना की शुरुआत 2005 में की गई थी । इसका मुख्य उद्देश्य सभी ग्रामीण आवासों को बिजली उपलब्ध कराना है।

योजना के लिए 90 प्रतिशत राशि केंन्द्र सरकार और 10 प्रतिशत राशि ग्रामीण विद्युतीकरण निगम द्वारा दी गई है।

13. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (DDUGJY) :

  यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा इस घोषणा के साथ प्रारम्भ की गई थी कि सरकार नें 1000 दिनों के अन्दर 1 मई 2018 तक 18452 अविद्युतीकृत गांवों का विद्युतीकरण करने का फैसला लिया है। यह योजना भारत सरकार की मुख्य योजनाओं में से एक योजना है और विद्युत मंत्रालय का एक मुख्य कार्यक्रम है।
प्रारम्भ होने का वर्ष  नवम्वर 2014

14.  कुटीर ज्योति कार्यक्रमः  

कुटीर ज्योति कार्यक्रम का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों के लिए विद्युतीकरण को बढ़ावा देना है। इसका उद्देश्य बीपीएल परिवारों के घरों में Single Point Electricity Connection का विस्तार करना है।

प्रारम्भ होने की तिथि      वर्ष 1988 - 89

15.  ग्रामाण क्षेत्रों में शहरी सुविधोओं का प्रावधान (PURA - Provision of Urban Amenities in Rural Areas  

 ग्रामीण विकास मंत्रालय ने PURA योजना को तीन वर्षों के लिए 2004 से 2007 तक  7 समूहों में पायलट आधार पर लागू किया है।


उद्देश्यः 

 ग्रामीण और शहरी विभाजन को कम करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों और शहरी सुविधाओं को बढ़ाना।

सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से एक ग्राम पंचायत या ग्राम पंचायतों के एक समूह में एक संभावित विकास केन्द्र के आस-पास सुगठित क्षेत्रों का सम्पूर्ण और त्वरित विकास करना।

PURA के तहत दी जाने वाली सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों में गांव की सड़कों का निर्माण और देखरेख, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, गांव की स्ट्रीट लाइटिंग, बिजली उत्पादन, संचार व्यवस्था आदि को शामिल किया गया है।

वर्तमान में योजना का कार्यन्वयन ग्राम पंचायत और निजी क्षेत्र की भागीदारी से सार्वजनिक -निजी भागीदारी के तहत किया जा रहा है।

16.  सिचांई और बाढ़ नियन्त्रण परियोजना (Irrigation and Flood Control):

योजना आयोग ने सिंचाई परियोजनाओं को 3 भागों में बांटा है।

बड़ी सिंचाई परियोजनाएंः जहाँ कृषि का क्षेत्र 10,000 हेक्टेअर से अधिक है।

मध्यम सिंचाई परियोजनाएंः जहाँ कृषि का क्षेत्र 2,000 से 10,000 हेक्टेअर के बीच है।

छोटी सिंचाई परियोजनाएंः जहाँ कृषि का क्षेत्र 2,000 हेक्टेअर तक हो। 




Post a Comment

0 Comments